सी-प्लान ऐप बना मददगार: महराजगंज पुलिस ने राह भटके दो मासूमों को परिवार से मिलाया

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महराजगंज। उत्तर प्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग ‘सी-प्लान’ (C-Plan) महराजगंज जिले में बिछड़े हुए लोगों को मिलाने के लिए वरदान साबित हो रही है। बुधवार को ठूठीबारी पुलिस की सतर्कता और तकनीक के सही इस्तेमाल से दो मासूम बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचाया गया।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, बरगदवा थाना क्षेत्र के ग्राम नरायनपुर निवासी नरगिस (7 वर्ष) पुत्री अलाउद्दीन और गुलाम सोमानी (5 वर्ष) पुत्र जलालुद्दीन रास्ता भूलकर भटक गए थे। टहलते हुए दोनों बच्चे ठूठीबारी थाना क्षेत्र के चंदन नदी पुल के पास पहुँच गए और घबराहट में रोने लगे।

पुलिसकर्मियों की सक्रियता

उसी दौरान गश्त पर तैनात सिपाही मनोहर कुमार और मृत्युंजय की नजर रोते हुए बच्चों पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चों को चुप कराया और उनसे पूछताछ की। बच्चे काफी डरे हुए थे, लेकिन उन्होंने किसी तरह अपने गांव का नाम ‘नरायनपुर’ बताया।

सी-प्लान एप ने आसान की राह

बच्चों का पता मिलते ही पुलिस ने तत्काल सी-प्लान (C-Plan) ऐप का सहारा लिया। ऐप के माध्यम से गांव के संभ्रांत व्यक्तियों और ग्रामीणों के नंबर निकालकर संपर्क किया गया। कुछ ही समय में बच्चों के परिजनों से संपर्क हो गया और उन्हें सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही परिजन ठूठीबारी पुलिस बूथ पहुँचे, जहाँ पुलिस ने कागजी कार्रवाई के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। बच्चों को वापस पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

क्या है सी-प्लान (C-Plan)?

यह उत्तर प्रदेश पुलिस की एक ऐप-आधारित पहल है, जो सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करती है। इस ऐप में गांव के जिम्मेदार नागरिकों के नंबर फीड होते हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति या सूचना के आदान-प्रदान में पुलिस को त्वरित सहायता मिलती है।

मुख्य बिंदु:

स्थान: चंदन नदी पुल, ठूठीबारी।

बच्चे: नरगिस (7) और गुलाम (5), निवासी नरायनपुर।

नायक: सिपाही मनोहर कुमार और मृत्युंजय।

तकनीक: सी-प्लान कम्युनिटी ऐप।