
रामपुर डीएम अजय कुमार द्विवेदी के नेतृव में रामपुर ने किया उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन..
*सीएम युवा उद्यमी योजना में रामपुर ने मारी बाजी: 40.15 फीसदी ऋण वितरण के साथ पूरे यूपी में हासिल किया तीसरा स्थान*
*–निर्धारित लक्ष्य को पछाड़ 803 युवाओं के हाथों में सौंपी स्वरोजगार की चाबी, आजमगढ़ और बलिया के बाद बना प्रदेश का सिरमौर*
*–उद्यमियों के सपनों को बैंकों का मजबूत संबल, 3830 आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद 828 प्रस्तावों को मिली त्वरित वित्तीय स्वीकृति*
रामपुर, 11 सितंबर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना में रामपुर ने पूरे सूबे में अपनी कर्मठता और कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 11 सितंबर तक जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट में रामपुर 40.15 प्रतिशत ऋण वितरण के साथ समूचे उत्तर प्रदेश में तीसरे पायदान पर आ पहुंचा है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक अनुराग यादव ने बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले को दो हजार का कुल लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष सितंबर तिमाही तक 500 लाभार्थियों को लाभान्वित करने की सीमा तय की गई थी। प्रशासनिक तत्परता और बैंकरों के सहयोग से रामपुर ने इस सीमा को काफी पीछे छोड़ते हुए 803 हुनरमंद युवाओं के खातों में सीधे ऋण राशि का वितरण कर दिया है। प्रदेश की इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में केवल आजमगढ़ और बलिया ही रामपुर से आगे हैं, जबकि मुरादाबाद मंडल सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रामपुर ने इस योजना के क्रियान्वयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
स्वरोजगार की जमीन तैयार करने के मामले में रामपुर ने तय समय सीमा से कहीं आगे निकलकर परिणाम दिए हैं। सीएम डैशबोर्ड के मानकों के तहत सितंबर माह तक कुल लक्ष्य का 25 फीसदी यानी 500 युवाओं को ऋण वितरित करने का टास्क मिला था। प्रशासन और वित्तीय संस्थानों की सक्रियता का असर यह रहा कि जिले ने तय लक्ष्य की तुलना में 160.6 फीसदी की तेज छलांग लगाई और 803 लाभार्थियों तक पूंजी पहुंचाई। पूरे वित्तीय वर्ष के 2000 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 40.15 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर जिले ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय युवाओं में नए उद्यम स्थापित करने का जबरदस्त जज्बा है।
*3867 युवाओं ने दिखाई रुचि, 828 को मिली बैंक की हरी झंडी*
जिले में सूक्ष्म व लघु उद्योग स्थापित करने को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) के पोर्टल पर कुल 3867 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। विभागीय अधिकारियों ने बिना किसी देरी के दस्तावेजों की जांच पूरी करते हुए 3830 आवेदन सीधे संबंधित बैंक शाखाओं को प्रेषित कर दिए। बैंकों ने भी वित्तीय साख और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करते हुए 828 युवाओं के ऋण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की, जो कि कुल लक्ष्य का 41.40 फीसदी बैठता है। इनमें से 803 युवाओं को ऋण वितरित कर कारोबार शुरू करने की सीधी राह खोल दी गई है।
*मंडल में अमरोहा चौथे स्थान पर, रामपुर ने संभाली लीड*
रामपुर की इस उपलब्धि ने मुरादाबाद मंडल का नाम भी प्रदेश की अग्रिम पंक्ति में शामिल कर दिया है। मंडल के भीतर रामपुर तीसरे पायदान पर रहते हुए सबसे आगे है, वहीं पड़ोसी जिला अमरोहा भी 34.44 फीसदी ऋण वितरण के साथ प्रदेश में चौथे स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मंडल के अन्य जिलों में बिजनौर 29.71 फीसदी के साथ 24वें, संभल 31.13 फीसदी के साथ 15वें और मुरादाबाद 27.52 फीसदी के साथ 38वें स्थान पर संघर्ष कर रहे हैं। रामपुर द्वारा फाइलों के त्वरित निस्तारण और बैंकों पर प्रभावी निगरानी ने उसे मंडल ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बना दिया है।
*प्रदेश के शीर्ष दस जिलों का क्रमवार प्रदर्शन*
सीएम डैशबोर्ड की प्रगति रिपोर्ट में पहले स्थान पर आजमगढ़ और दूसरे स्थान पर बलिया ने अपनी जगह बनाई है। तीसरे पायदान पर रामपुर के बाद चौथे स्थान पर अमरोहा और पांचवें पर चित्रकूट काबिज हुआ है। वहीं छठवें नंबर पर झांसी, सातवें पर फर्रुखाबाद, आठवें पर ललितपुर, नौवें पर बागपत और दसवें पायदान पर वाराणसी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
*युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान: डीएम*
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जनपद के हुनरमंद युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। प्रशासन और बैंकर्स के बेहतर तालमेल, नियमित समीक्षा बैठकों और त्वरित फाइल निस्तारण की नीति के चलते रामपुर ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद और नवाचारी युवा को आत्मनिर्भर बनाकर स्थानीय स्तर पर नए उद्योगों की मजबूत नींव तैयार करना है। आने वाले दिनों में बाकी आवेदनों का भी तेजी से निस्तारण कराकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा।




