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बजरंग के बाद अब रवि दहिया भी विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगे, सामने आई ये बड़ी वजह 

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टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट पहलवान रवि दहिया ने कहा है कि उन्होंने आगामी विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अगले हफ्ते होने वाले चयन ट्रायल के लिए तैयारी का समय नहीं मिला, जिसके जरिए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की टीम का चयन होगा। डब्ल्यूएफआई दो से 10 अक्तूबर तक नॉर्वे के ओस्लो में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए मंगलवार को चयन ट्रायल का आयोजन करेगा। दहिया और टोक्यो ओलंपिक खेलों के अन्य पदक विजेता अपने सम्मान के आयोजित समारोह के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा कर रहे है।

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दहिया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘ मैं बिना तैयारी के मैट पर नहीं उतरना चाहता। बिना पर्याप्त अभ्यास के प्रतिस्पर्धा पेश करने का क्या फायदा। इसलिए मैं विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लूंगा क्योंकि मैं पर्याप्त अभ्यास के बिना ट्रायल में नहीं उतरना चाहता।’ दहिया विश्व चैंपियनशिप में नहीं जाने वाले भारत के दूसरे बड़े पहलवान हैं। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट बजरंग पूनिया भी दाएं घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।

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इस पहलवान ने कहा, ‘ मैं सत्र खत्म होने से पहले एक या दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का प्रयास करूंगा। मैं अगले महीने से ट्रेनिंग शुरू करूंगा।’ यह पूछने पर कि क्या बहुत अधिक समारोह से वह परेशान हैं, दहिया ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ आप उन्हें ‘ना कैसे कह सकते हो। वे आपके अपने लोग हैं जो सम्मान दिखाना चाहते हैं और आपको सम्मानित करना चाहते हैं। बात सिर्फ इतनी है कि इससे थकान हो जाती है।’ 

उम्मीद की जा रही थी कि दहिया विश्व चैंपियनशिप में 57 किग्रा की जगह 61 किग्रा में हिस्सा लेंगे क्योंकि पहलवानों के लिए वजन घटाना और फिर इसे बरकरार रखना बड़ी समस्या होती है। दहिया को इससे कोई समस्या नहीं है कि डब्ल्यूएफआई ने उन्हें ट्रायल से छूट नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘ महासंघ ट्रायल के लिए बुलाकर सही काम कर रहा है। उन्हें पता है कि क्या सर्वश्रेष्ठ है। मुझे ट्रायल में हिस्सा लेने में कोई दिक्कत नहीं है।’ दहिया ने कहा कि वह जल्द ही महासंघ को अपने फैसले की जानकारी देंगे।

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डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि इस स्टार पहलवान को ट्रायल के लिए बुलाने में कुछ भी गलत नहीं है। तोमर ने कहा, ‘ हमें दूसरे खिलाड़ियों को भी तैयार करना है। हमें सभी को राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का दावा पेश करने का मौका देना होगा, इसलिए सभी को ट्रायल के लिए आना होगा।’ दहिया ने कहा कि वह इतने व्यक्त हैं कि टोक्यो से लौटने के बाद अपने परिवार के साथ भी समय नहीं बिता पाए।

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इस बीच, तीन पहवानाओं विनेश फोगाट, सोनम मलिक और दिव्या काकरान के ट्रायल में प्रतिनिधित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है क्योंकि डब्ल्यूएफआई ने इनसे जुड़े मुद्दों पर कोई फैसला नहीं किया है। विनेश को टोक्यो ओलंपिक के दौरान अनुशासनहीनता के लिए निलंबित किया गया है जबकि सोनम को दुर्व्यवहार के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दिव्या को भी उनके पता के महासंघ के खिलाफ बयान देने के लिए नोटिस भेजा गया है। सोनम और दिव्या ने अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी है जबकि विनेश ने भी मुकाबले के दौरान आधिकारिक किट नहीं पहनने के लिए बिना शर्त माफी मांगी है लेकिन तोक्यो में साथी भारतीय पहलवानों के साथ ट्रेनिंग नहीं करने और उनके साथ नहीं रहने के आरोपों को ‘सम्मान के साथ नकार दिया है।

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