बिहार —–
जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार
मोतिहारी: मोतिहारी नगर निगम के महापौर अंजू देवी पर वार्ड पार्षदों ने एक बैठक बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जिसपर बैठक में उपस्थित सभी पार्षदों ने एकमत से स्वीकृति प्रदान करते हुए अपना-अपना हस्ताक्षर कर दिया। इतना ही नहीं उपस्थित सभी पार्षदों ने साथ काम नहीं करने की शपथ भी ली।
बताते चलें कि मोतिहारी नगर निगम पहले मोतिहारी नगर परिषद था जिसे हाल ही में बिहार सरकार के निर्णय से नगर निगम का दर्जा मिल गया। पहले से नगर परिषद का जो स्ट्रक्चर था उसी को नगर निगम में कन्वर्ट कर दिया गया है। इसी कारण नगर परिषद में जितने वार्ड पार्षद थे वही नगर निगम में रह गये। कुल वार्ड पार्षदों की संख्या 38 है जिसमें से 31 वार्ड पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में अपना-अपना हस्ताक्षर किया है। इसके तुरंत बाद 3 और वार्ड पार्षदों ने प्रस्ताव के समर्थन में अपना हस्ताक्षर कर दिया है। इस प्रकार केवल 4 पार्षद महापौर अंजू देवी सहित प्रस्ताव के विरोध में रह गये हैं।
इस अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए नगर निगम के आयुक्त बैठक की तारीख तय करायेंगे और उसी तारीख पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी और मतदान कराकर अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय लिया जायेगा।
मिली जानकारी के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में जिन वार्ड पार्षदों ने हस्ताक्षर किये हैं उनके नाम हैं,अमरेन्द्र कुमार सिंह, रीना देवी, कल्पना रानी दास,अंजू वर्मा,श्यामल कुमार, ज्योति देवी, रमाशंकर श्रीवास्तव,रानी जायसवाल, कांति देवी, राघवेन्द्र नारायण सिंह, राजेश सहनी,लालझरी देवी, प्रियंका सिंह, हीरालाल मुखिया, रीता देवी, गुलरेज शहजाद, मनोज कुमार,रवि भूषण,अभय सिंह, हरेंद्र कुमार, रोहित कुमार, अनिता देवी,वीणा देवी,मदन मोहन सिंह, मिथिलेश देवी,उत्तम राय,नीलम शुक्ला, सुनीता श्रीवास्तव,विजय कुमार जायसवाल,उदय बिहारी एवं रंजू देवी के नाम शामिल है। पता चला है कि तीन और वार्ड पार्षद बाद में इसमें शामिल हो गये हैं। इस प्रकार प्रस्ताव के समर्थकों की संख्या 34 हो गई है।
महापौर अंजू देवी सहित तीन और पार्षद मोहिबूल हक, राजा खां और कलाम प्रस्ताव के विरोध में रह गये हैं।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने तक क्या स्थिति रहती है, देखनेवाली बात होगी।





