अफगानिस्तान की राजधानी के पास मंगलवार को एक भीषण विस्फोट हुआ जो देश के कार्यवाहक रक्षा मंत्री को निशाना बनाकर किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कम से कम 10 लोग घायल हो गए। वहीं, देश के गृह मंत्री मीरवाइज स्तानिकजई ने बताया कि विस्फोट के बाद तीन बंदूकधारी क्षेत्र में घुसे थे जिन्हें सुरक्षाबलों ने मार गिराया। स्वास्थ्य मंत्री के प्रवक्ता दस्तगीर नजारी ने बताया कि हमले में कम से कम 10 लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। पार्टी के एक नेता ने कहा कि मंत्री और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है। हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। आंतरिक मंत्री मीरवाइज स्टेनिकजई के मुताबिक यह धमाके शेरपुर के पड़ोसी इलाकों में हुए है। राजधानी के बेहद सुरक्षित इलाकों में होने के चलते इन्हें ग्रीन जोन कहा जाता है। वहीं कार्यवाहक रक्षामंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मद के आवास के बाहर भी धमाका हुआ है। स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह धमाका शाम करीब 8 बजे हुआ। धमाके के कुछ देर बाद वहां से धुएं का गुबार उठता देखा गया। अफगान मीडिया ने ट्वीट कर बताया कि यह एक कार बम हमला था।
#Afghanistan | Gunfire and explosions are still heard near the acting defense minister’s house in downtown #Kabul where an initial blast was heard around 8pm: TOLONews
— ANI (@ANI) August 3, 2021
कई जगहों पर चल रही है लड़ाई
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच कई इलाकों में जबर्दस्त संघर्ष जारी है। लश्करगढ़, दक्षिणी हेलमंद प्रांत और फ्रंटलाइन इलाकों में अफगान सैन्य बल हमलावर हैं। इनमें वह इलाका भी शामिल है, जहां पर अमेरिका ने सोमवार को हवाई हमले किए थे। पिछले कुछ हफ्तों में तालिबान ने अफगानिस्तान के कई जिलों पर कब्जा जमा लिया है। इनमें देश का उत्तरी पूर्वी प्रांत तखार भी शामिल है। अगर पूरे देश भर की बात करें तो तालिबान के नियंत्रण में 223 जिले हैं। कुछ ऐसे ही आंकड़े सीएनएन ने भी जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि 34 में से 17 प्रांतीय राजधानी पर तालिबान हमलावर है।
शक के दायरे में तालिबान
इस घटना की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि इनके पीछे तालिबान लड़ाकों का हाथ है। देश में विभिन्न प्रांतों की राजधानियों में दबाव बनाने के लिए तालिबान इस तरह के हमले अंजाम दे रहा है। वहीं इस्लामिक स्टेट ग्रुप ने भी हाल ही में काबुल पर कुछ हमलों को अंजाम देने का दावा किया था। लेकिन अफगान सरकार का ज्यादातर मामलों में शक तालिबान पर ही रहा है।
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