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जीवित प्राणियों के प्रति करूणा सर्वोपरि : सुरभि त्रिपाठी।

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नौतनवा/महराजगंज- थाना क्षेत्र के सभागार में आज नौतनवा एसडीएम की अध्यक्षता में मीट विक्रेताओं के साथ की गई बैठक। बैठक में पीपल फॉर एनिमल्स पब्लिक पॉलिसी फाउंडेशन की सुरभि त्रिपाठी भी रही उपस्थित। एसडीएम नौतनवा दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि पशुओं के भी अधिकार होने चाहिए भले ही वो इनको समझ सकें या न समझ सकें। इन्सानों की तरह पशुओं को भी भी दर्द एवं पीड़ा का अनुभव होता है व उनको भी इन्सानों की तरह स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार है। जानवर हमारा भोजन बनने, वस्त्र बनने, उन पर प्रयोग किए जाने या फिर हमारे मनोरंजन के लिए नहीं हैं।

सुरभि त्रिपाठी ने कहा कि समस्त जीवित प्राणियों के प्रति करुणा की भावना रखना प्रत्येक नागरिकों का कर्तव्य है। पशु क्रूरता एक दंडनीय अपराध है। प्रत्येक नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्य भी होते हैं, हमें इस बात को समझने की जरूरत है। पशुओं पर हो रहे क्रूरता से बचाना है। उन्होंने बताया कि मुर्गों को मोटरसाइकिल पर उल्टा लटका कर ले जाना भी पशु क्रूरता है। इसमें गाड़ी वह मुर्गी दोनों को सीज करने का प्रावधान है। धर्मस्थल, स्कूल व कस्बों से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर दुकान व मुर्गी फार्म खोलने का नियम है। सुरभि त्रिपाठी ने कहा कि आपको स्वयं पे भरोसा रखना है व समाज में पशुओं के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखना है। हम आपकी हर कदम पर सहायता करेंगे।

मीडिया से बातचीत के दौरान सुरभि त्रिपाठी ने बताया कि पशुओं के प्रति क्रूरता कैसे रोकी जा सकती है?

उन्होंने कहा कि सख्त कानून के साथ जुर्माना भी हो। पशुओं के साथ क्रूरता की घटनाएं बहुत ज्यादा हो रही हैं। सड़क पर रहने वाले जानवरों से लेकर पालतू पशुओं तक को क्रूरता झेलनी पड़ती है। दूध निकालकर गायों को भी यूं ही छोड़ दिया जाता है। भूखी-प्यासी गाएं कचरे में मुंह मारती नजर आती हैं। कुत्ते बहुत ज्यादा क्रुरता झेलते हैं। पाड़े़, घोड़े, खच्चर, ऊंट, बैल, गधे जैसे जानवरों का इस्तेमाल माल की ढुलाई के लिए किया जाता है। इस दौरान उनके साथ बहुत ज्यादा क्रूरता होती है। पशुओं की तकलीफों को लेकर बिलकुल भी जागरूकता नहीं है। पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने के लिए कानून सख्त होना चाहिए, जेल भी हो और साथ-साथ भारी जुर्माना भी हो, ताकि लोगों में डर पैदा हो। मीडिया पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए काम करने वाले लोगों के बारे में ज्यादा से ज्यादा बताए। पशु कल्याण अधिकारी के नाम, फोन नंबर का प्रचार किया जाए। पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए काम करने वाले सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दी जाए, ताकि लोगों में जागरूकता पैदा हो। इस दौरान उप मुख्य पशु चिकित्साअधिकारी अरविंद गिरी, फूड इंस्पेक्टर अमित पांडे, अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सरोज, एसआई ओपी गुप्ता नौतनवां चौकी प्रभारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।