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चीन की खुल गई पोल! यूएस अधिकारियों से मिल शिकायत करने वाली उइगर महिला बोली- ड्रैगन ने खूब प्रताड़ित किया

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उइगर मुसलमानों को लेकर चीन के दोहरे रवैये की पोल-पट्टी एक बार फिर खुल गई है। चीन की कलई खोली है एक उइगर महिला कल्बिनूर गेनी ने। कल्बिनूर गेनी ने दिसंबर के महीने में यूनाइटेड स्टेट के अधिकारियों से मुलाकात की थी और इस दौरान चीन की शिकायत करते हुए कहा था कि ड्रैगन ने उनकी बहन रेणुगल गेनी को शिनजियांग प्रांत में कैद कर रखा है। रेणुगल और परिवार के अन्य सदस्यों पर चीन लगातार वहां जुल्म ढा रहा है। 

Radio Free Asia में लिख रहे नूरीमन अब्दुराशिद ने कहा कि परिवार ने अब अपने घर के सदस्यों के बारे में बातचीत करना बंद कर दिया है और उनके रिश्तेदारों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। कल्बिनूर गेनी ने पूर्व यूएस सचिव माइक पोम्पियो से मुलाकात में चीन की शिकायत करते हुए कहा था कि पिता की मौत के बाद प्रार्थना करने पर उनकी बहन को कैद कर दिया गया था। पिता की मौत के बाद रेणुगल को धार्मिक क्रिया-कलापों की वजह से 17 सालों तक कैद कर रखा था। उनपर धार्मिक किताब रखने का भी आरोप लगाया गया था।  

कल्बिनूर ने कहा कि 39 साल की उनकी बहन दो बच्चों की मां हैं और पेशे से शिक्षक भी हैं। ‘RFA’ ने अपनी एक रिपोर्ट में कल्बिनूर के हवाले से बताया कि इसी साल उनकी बहन को जेल में डाल दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 1.8 मिलियन उइगर और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को शिनजियांग प्रांत में कैद कर रखा गया है। इन सभी से जबरन मजदूरी कराया जाता है और उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। 

कल्बिनूर के मुताबिक साल 2017 से ही उनका संपर्क उनके परिवार से नहीं हो पा रहा था। उन्हें अपनी बहन को कैद किये जाने के बारे में जानकारी नहीं थी। मई 2019 में कल्बिनूर को अपने दोस्तों के जरिए अपनी बहन के बीजिंग में होने का पता चला। कल्बिनूर ने 3 दिसंबर, 2020 को पूर्व यूएस सेक्रेट्री माइक पोंपियो से मुलाकात की थी। 

इसके बाद प्रशासन ने कल्बिनूर और उनके परिवार के सदस्यों पर प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तौर से दबाव बनाना शुरू कर दिया था। कल्बिनूर के मुताबिक वॉयस मैसेज भेज कर उनसे कहा जा रहा था कि वो बेवजह इन सब बातों में ना पड़े। कल्बिनूर ने कहा कि चीनी सरकार उइगर मुस्लिमों के परिवार के सदस्यों को पकड़ कर सजा दे रही है। इसके बाद चीनी सरकार इन मुसलमानों के परिवार वालों पर नियंत्रण रखती है। .कल्बिनूर ने कहा कि उन्हें कई धमकियां भी मिली थीं। 
 

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