बीते हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में बैठक करने के बाद यह अटकलें तेज हो गईं थीं कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से बीएस येदियुरप्पा की विदाई अब तय है और उनसे किसी भी वक्त इस्तीफा मांगा जा सकता है। इन अटकलबाजी के बीच बीएस येदियुरप्पा ने बुधवार को एक ट्वीट के जरिए बीजेपी के अपने सहयोगियों से विरोध प्रदर्शन और अनुशासनहीनता में न शामिल होने की अपील की है। हालांकि, येदियुरप्पा के इस ट्वीट को अब केंद्र के लिए भी संदेश माना जा रहा है।
येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, ‘मुझे गर्व है कि मैं बीजेपी का वफादार कार्यकर्ता हूं। मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैंने ऊंचे आदर्शों का पालन करते हुए पार्टी की सेवा की है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि पार्टी के संस्कारों के अनुरूप आचरण करें और ऐसा कोई प्रदर्शन या अनुशासनहीनता न करें जिससे पार्टी को शर्मिंदगी झेलनी पड़े।’
I am privileged to be a loyal worker of BJP. It is my utmost honour to serve the party with highest standards of ethics & behaviour. I urge everyone to act in accordance with party ethics & not indulge in protests/indiscipline that is disrespectful & embarrassing for the party.
— B.S. Yediyurappa (@BSYBJP) July 21, 2021
इससे पहले बुधवार को ही येदियुरप्पा ने पार्टी विधायकों के साथ अपनी डिनर पार्टी को स्थगित कर दिया था। उनके इस कदम को नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। येदियुरप्पा उनकी सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर 25 जुलाई को विधायकों को रात्रिभोज देने वाले थे।
आगामी 26 जुलाई को सरकार में अपने दो साल पूरे कर रहे येदियुरप्पा ने पिछले हफ्ते दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की थी। यात्रा से कुछ वर्गों में सवाल उठाया गया कि क्या पार्टी अब नेतृत्व परिवर्तन की योजना पर काम कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी से लौटने पर, येदियुरप्पा ने हालांकि इन खबरों को खारिज कर दिया था और कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा है।
येदियुरप्पा को पद से हटाने के कयास पिछले महीने भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों के बयानों के बाद लगाए जा रहे थे। पार्टी के कई विधायकों और येदियुरप्पा सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों ने मांग की थी कि बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद छोड़ देना चाहिए। राज्य के पर्यटन मंत्री सीपी योगेश्वर ने एक बयान में कहा था कि मुख्यमंत्री के बजाय उनके बेटे कर्नाटक के मंत्रालयों पर शासन और नियंत्रण कर रहे हैं।वहीं, भाजपा एमएलसी एएच विश्वनाथ ने भी यह कहा था कि प्रदेश के प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह से मिले भाजपा के 80 प्रतिशत विधायकों का मानना है कि राज्य में नेतृत्व बदलना चाहिए।





